वाराणसी। अवैध खनन के खिलाफ ‘अमर उजाला’ के अभियान पर संजीदा हुए प्रशासन ने खनन माफिया पर शिकंजा और कस दिया है। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने पांच थाना क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए वहां अवैध खनन की जांच के लिए एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें गठित की हैं। ये टीमें न सिर्फ अवैध खनन रोकेंगी बल्कि खनन माफिया को चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करेंगी।
लंका, चोलापुर, दानगंज, चौबेपुर, जंसा समेत क्षेत्रों में चल रहे अवैध खनन का अमर उजाला ने खुलासा किया था। डीएम ने पांचों थाना क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि अवैध खनन के मामलों में संबंधित थानाध्यक्ष की संलिप्तता की भी जांच की जाए। यदि उन्हें संलिप्त पाया जाए तो उनके खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि अवैध खनन का मामला उजागर होने के बाद रोहनिया, लंका, चोलापुर, मिर्जामुराद इलाके में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पिछले दो दिन से इन इलाकों में स्थानीय प्रशासन की तरफ से अवैध खनन कर्ताओं की धरपकड़ के साथ ही खनन में लगे वाहन जब्त किए जा रहे हैं। एक मामले में खनन अधिकारी ने लंका थाने में खननकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। बावजूद इसके अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। पुलिस और खनन विभाग के मुलाजिमों की मिलीभगत से चोरी-छिपे खनन का सिलसिला जारी है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ने अवैध खनन की जांच के लिए बनाई गई टीमों को दो टूक हिदायत दी है कि अगर उनके क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत मिली तो इसके लिए अब उन्हें उत्तरदायी माना जाएगा। औचक निरीक्षण और छापेमारी कर अवैध खनन पूरी तरह रोका जाए।