वाराणसी। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट इंडिया (आईयूटीआई) से वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने अनुबंध किया है। इस करार को ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आईयूटीआई ने शहर का सर्वे करने के बाद सोमवार को अपना ट्रैफिक प्लान भी प्रस्तुत कर दिया है। इसके लिए आईयूटीआई की टीम पिछले कुछ दिनों से शहर में थी। फिल्ड सर्वे, स्टैक होल्डर परामर्श एवं ट्रैफिक एक्सपर्ट विश्लेषण के आधार पर यातायात प्रबंधन के लिए आईयूटीआई ने जंक्शन इंप्रुवमेंट प्लान और सर्कुलेशन प्लान तैयार किया है। इसके जरिए चरणबद्ध तरीके से कार्य होगा। प्रत्येक चरण में आठ प्रमुख चौराहे अत्याधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से विकसित किए जाएंगे।
वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने पहले चरण में जिन आठ चौराहों को शामिल किया है, उनमें पांडेयपुर, कचहरी, पुलिस लाइन, नदेसर, अंधरापुल, चौकाघाट, कैंट स्टेशन एवं इंग्लिशिया लाइन शामिल हैं। यहां सुगम और सुरक्षित यातायात प्रबंधन की डिजाइन तैयार की गई है। ये चौराहे तकनीकी तौर पर आपस में जुड़े रहेंगे। कहीं से भी एक-दूसरे चौराहे की ट्रैफिक की स्थिति ऑन स्क्रीन देखी जा सकेगी। ट्रैफिक प्रबंधन पूरी तरह कंप्यूटरीकृत होगा। अत्याधुनिक उपकरण और सिग्नल लाइटें लगाई जाएंगी। दरअसल, शहर में जाम की भीषण समस्या के साथ ही पैदल यात्रियों की सुरक्षा का अभाव भी मौजूदा ट्रैफिक व्यवस्था की एक बड़ी खामी है। करार के बाद शहर का सर्वे करने वाली आईयूटीआई ने इसके मद्देनजर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को भी अपने प्लान के केंद्र में रखा है। जंक्शन इंप्रुवमेंट प्लान चौराहों पर व्यवस्थित यातायात के लिए है जबकि सर्कुलेशन प्लान के तहत सड़कों पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए जरूरी इंतजाम होंगे। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल के समक्ष आईयूटीआई की ओर से ये प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं। योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उच्चाधिकारियों के समक्ष इसे रखा जाएगा।