सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में तैनात एएसआई मनोज कुमार दोपहर में चक्कर खाकर गिर गए। इसके अलावा बाबा के दर्शन के लिए लाइन में खड़ी बिहार निवासी महिला अन्नू समेत चार अन्य लोग गिर गए। उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के एंबुलेंस से मंडलीय अस्पताल ले आया गया। सोमवार को बीएचयू समेत अन्य सरकारी अस्पतालों (मंडलीय अस्पताल, जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल आदि) स्वास्थ्य केंद्रों की इमरजेंसी में गर्मी से बीमार 400 से अधिक लोग पहुंचे, इसमें इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों में 100 लोगों को भर्ती किया गया।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की मोर्चरी में सोमवार को 13 शव पड़े रहे। इसमें कुछ अस्पताल में इलाज के दौरान मौत वालेे थे तो कुछ शहर के अन्य जगहों पर लावारिस हालत में मृत मिले थे। स्थिति यह थी कि अंदर डीप फ्रीजर में चार शव रखे थे जबकि नौ शव बाहर स्ट्रेचर पर पड़े थे। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे पहचान होती जा रही है, पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया जा रहा है। शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर भी सोमवार की शाम को बाहर जमीन पर 10 से अधिक शव पड़े दिखे। तीन शव यहां टैंपो में रखे थे।
एएसआई की आइसपैक से सिंकाई करते स्वास्थ्यकर्मी
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पांच मिनट की देर होती तो चली जाती एएसआई की जान
विश्वनाथ मंदिर में तैनात पीएसी में एएसआई मनोज कुमार दोपहर करीब दो बजे मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में बेहोशी हालत में पहुंचे। जिस समय वह आए थे, उनको तेज बुखार था। इमरजेंसी में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने तुरंत आइस पैक लेकर सिर से लेकर शरीर के अन्य भागों में लगाना शुरू किया। इसके अलावा शरीर के अन्य भागों में पानी डाला गया। करीब आधे घंटे प्राथमिक उपचार के बाद मनोज कुमार को होश आया।