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हॉस्टल के छात्रों ने नहीं सुनी गोलियों की आवाज

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वाराणसी। यूपी कॉलेज में बी काम द्वितीय वर्ष के छात्र विवेक सिंह को जिस समय गोली मारी गई, आसपास के इलाकों में बरातें आईं थी। बैंड-बाजे बज रहे थे और आतिशबाजी हो रही थी। इससे हॉस्टल के छात्रों ने फायरिंग की आवाज नहीं सुन पाए। जमीन पर निढाल पड़े छात्र को जब किसी ने देखा, तब ही छात्रों को जानकारी हो पाई। परिसर में छात्र की हत्या का यह पहला मामला है।
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पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया छात्र गुटों की आपसी रंजिश ही वारदात की वजह रही है। आजमगढ़ में विवेक के परिजनों को सूचना दे दी गई हैं। परिजन वाराणसी रवाना हो गए हैं। उनसे बातचीत कर वारदात की तह तक जाना संभव होगा। मामले में जेल से जमानत पर छूटा कॉलेज का एक छात्रनेता पुलिस के रडार पर आ गया है। अस्पताल पहुंचे छात्रों में चर्चा थी कि दो साल पहले फ्रेशर पार्टी के दौरान छात्रसंघ के एक पदाधिकारी से विवेक की कहासुनी हुई थी। उस समय विवेक के एक दोस्त को छात्रनेता ने गोली मार दी थी। जेल से जमानत पर आने के बाद उसी छात्रनेता के इशारे पर विवेक की हत्या की गई है।
छात्र संघ चुनाव की तैयारी कर था विवेक
विवेक यूपी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष का अगला चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। उसने बैनर-पोस्टर के साथ ही सोशल मीडिया पर जोर-शोर से तैयारी शुरू कर दी थी। विवेक की चुनावी तैयारी कुछ मठाधीशों को रास नहीं आ रही थी। साथियों के बीच वह ‘ताइक्वांडो’ नाम से प्रसिद्ध था।
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मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
विवेक की हत्या के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस को आशंका है कि आखिरी बार विवेक के मोबाइल पर कॉल करने वालों ने ही उसकी हत्या की है। वहीं सीसी फुटेज के आधार पर भी छानबीन की जा रही है। सर्विलांस के आधार पर भी तफ्तीश हो रही है।
छात्रों के हुजूम को समझाने में पस्त हो गई पुलिस
विवेक की हत्या की जानकारी होते ही दीनदयाल अस्पताल में कॉलेज के छात्रों का जमावड़ा शुरू हो गया था। आक्रोशित छात्रों से पुलिस की कई बार नोकझोंक हुई। मामले की गंभीरता देख डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी मौके पर पहुंच गए। इस बीच एक-एक कर शहर के 13 थानों की फ ोर्स भी अस्पताल पहुंच गई। डीएम और एसएसपी ने कॉलेज के छात्रों को समझाबुझाकर शांत कराया। आश्वस्त किया कि वारदात को अंजाम देने वाले जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे। छात्र का शव दीनदयाल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है।
यूपी कॉलेज में अराजकता का रहा है बोलबाला
यूपी कॉलेज हमेशा से सुर्खियों में रहा है। इससे पहले परिसर में मई, 2018 में सिक्योरिटी गार्ड को अराजक तत्वों ने गोली मार दी थी। दिसंबर, 2018 में छत्रसंघ चुनाव के दौरान मतपत्र फाड़ कर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई थी। इसके अलावा भोजूबीर में दुकानदारों से मारपीट या छात्र गुटों के बीच सरेराह मारपीट और पथराव की बात आए दिन सुनने और देखने को मिलती हैं। बीते साल जिले की क्राइम ब्रांच ने यूपी कॉलेज के छात्रों को अंतरप्रांतीय बाइक तस्कर गिरोह के सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया था।
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