वाराणसी। उत्तर रेलवे के काशी स्टेशन पर मंगलवार की रात हिमगिरि एक्सप्रेस की बोगी प्लेटफॉर्म से रगड़ने के मामले में बुधवार से जांच शुरू हुई। शुरुआती जांच के लिए बुधवार सुबह अफसर स्टेशन पहुंचे। इंजीनियरिंग विभाग के अफसरों ने ट्रैक व प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी तो सही पाई लेकिन एहतियात के तौर पर पटरियों की दूरी थोड़ी बढ़ाई गई। इसके बाद ट्रायल के लिए बॉक्सन गुजारा गया। इसके बाद महानगरी व अन्य ट्रेनें गुजरीं।
मंगलवार की रात घटना के बाद प्लेटफार्म दो व चार नंबर से ट्रेनें निकाली गईं। रात में स्टेशन अधीक्षक समेत पीडब्ल्यूआई के स्टाफ मौके पर पहुंचे। ट्रैक सही करने के लिए पीडब्ल्यूआई ने बुधवार को फिर से ब्लॉक लिया। पीडब्ल्यूआई एके मौर्य की निगरानी में सुबह 9.30 से 10.50 बजे तक टीटीएम मशीन से ट्रैक को सही किया गया। इसके पहले पीडब्ल्यूआई ने इसी ट्रैक पर नौ व 12 फरवरी को ब्लॉक लेकर काम कराया था।
पीडब्ल्यूआई के मुताबिक मंगलवार को डेढ़ बजे काम खत्म कर दिया गया था। इसके बाद कई ट्रेनें गुजरीं, लेकिन किसी अन्य के साथ कोई दिक्कत नहीं हुई। हिमगिरि एक्सप्रेस रात में आई, जिसका एक कोच रगड़ खाने लगा और तेज आवाज से यात्री सहम गये। एक कोच से ही रगड़ की बात सामने आ रही है। उस कोच का कोई भाग निकला हो सकता है। ये गनीमत थी कि हिमगिरि एक्सप्रेस की बोगी जब प्लेटफॉर्म से टकराई, उस समय ट्रेन की गति 15 किमी प्रति घंटे थी, नहीं तो ट्रेन डिरेल भी हो सकती थी।