वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली नजूल की जमीन पर कचहरी परिसर के विस्तारीकरण की मांग के लिए बुधवार को सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक सेंट्रल बार सभागार में हुई। अधिवक्ताओं ने क्लब की जमीन पर कचहरी परिसर के विस्तार का प्रस्ताव पारित कर उसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजने का निर्णय लिया। यह भी तय किया कि जमीन के संकट से जूझ रहे कचहरी परिसर के लिए अधिवक्ता आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। इस मसले पर एक हफ्ते बाद दोनों बार की संयुक्त बैठक फिर होगी।
विधान परिषद ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वीडीए क्लब के अवैध निर्माण को ध्वस्त कराए और जिला प्रशासन नजूल की जमीन कब्जे में ले। बनारस बार के पूर्व महामंत्री और प्रस्तावक नित्यानंद राय ने कहा कि नजूल की 1.33 एकड़ जमीन पर क्लब का अवैध कब्जा है। उक्त जमीन पर दीवानी कचहरी परिसर का विस्तार किया जाए। सेंट्रल बार के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह जमीन ने क्लब के कब्जे वाली जमीन पर अधिवक्ताओं के चेंबर निर्माण की मांग रखी। अधिवक्ता अरविंद राय ने कहा कि सरकारी जमीन पर पूंजीपतियों का प्राइवेट क्लब क्यों संचालित हो, उसका उपयोग जनोपयोगी कार्यों के लिए किया जाए। अधिवक्ता घनश्याम मिश्र ने कहा कि जिला प्रशासन के क्लब के कब्जे वाली जमीन में जनोपयोगी कार्य करा कर जिला प्रशासन के अफसर मिसाल बनें।
बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम ने की। इस दौरान बटुकनाथ मौर्य, रजनीश मिश्र, रंजन मिश्र, मेवालाल यादव, घनश्याम पटेल, रेनू कुरैशी, पंकज प्रकाश पांडेय, रामकृष्ण पांडेय, जयश्री पाठक, दुर्गा प्रसाद, राजेश गुप्त, घनश्याम सिंह, श्रीनिवास मिश्र, धीरेंद्र शर्मा, सूर्यभान सिंह, प्रवीण मिश्र, कुलदीप पांडेय, सुमित श्रीवास्तव समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।