वाराणसी। वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विमान यात्री को लेने पहुंचे कार चालक की मंगलवार को हुई मौत के मामले में बुधवार को नया मोड़ आ गया। हेरिटेज अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि उनका चिकित्सक हवाईअड्डे पर मौजूद था, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने इलाज के लिए मरीज को टर्मिनल भवन के अंदर ले जाने नहीं दिया।
आजमगढ़ के मिशन हॉस्पिटल के चिकित्सक का पुत्र शौर्य अपने चालक जयप्रकाश के साथ बहन डॉ. गरिमा सिंह को लेने एयरपोर्ट पहुंचा था। इस बीच चालक जयप्रकाश गौड़ (52) वॉशरूम गया और वहीं गिरकर तड़पने लगा। बाद में उसकी मौत हो गई। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि प्राथमिक उपचार की कोई सुविधा न मिलने और किसी डॉक्टर के न पहुंचने केचलते चालक की मौत हो गई। बुधवार को हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के जन संपर्क अधिकारी अजय राय ने स्पष्ट किया कि उस दौरान टर्मिनल भवन स्थित मेडिकल इमरजेंसी रूम में डॉक्टर केके पांडेय मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि जैसे ही पता चला कि कोई बीमार हो गया है तो सबसे पहले कंपाउंडर वीरेंद्र वहां पहुंचा फिर डॉक्टर भी मौके पर गए। पीआरओ का दावा है कि चिकित्सक मरीज को इलाज के लिए टर्मिनल भवन में ले जाना चाहता थे पर एटीएम (एयरपोर्ट टर्मिनल मैनेजर) ने मरीज को ले जाने नहीं दिया। इसके चलते उसको जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। वहीं मिशन हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. अशोक सिंह ने बताया कि मौके पर कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मेडिकल सुविधा पर उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि इतना महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के बावजूद लोगों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है। इस पूरे मामले में एयरपोर्ट प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। वहीं एयरपोर्ट निदेशक अनिल कुमार सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।