वाराणसी। प्रयागराज से श्रद्धालुओं के काशी आने का सिलसिला लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। नतीजतन, दशाश्वमेध सहित अन्य गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर सुबह से देर शाम तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। ट्रैफिक पुलिस की ओर से दावा किया गया था कि शहर में 18 प्वाइंट पर उनके कर्मी तैनात हैं लेकिन वो यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में नाकाम रहे। वहीं, मौनी अमावस्या के स्नान के कारण नेशनल हाईवे दो पर भारी मालवाहकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। मंगलवार की रात आवागमन शुरू हुआ तो बुधवार की दोपहर तक विश्व सुंदरी पुल से डाफी टोल प्लाजा होते हुए अमरा अखरी के आगे तक जाम लगा था।
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए प्रयागराज गए श्रद्धालुओं का शहर आना जारी रहा। इसके चलते रथयात्रा, गुरुबाग, लक्सा, सिगरा, फातमान, मलदहिया, लहुराबीर, चेतगंज, बेनियाबाग, कबीरचौरा, मैदागिन, सोनारपुरा और रामापुरा में आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में आधा घंटे का समय लग जा रहा था। ट्रैफिक के दबाव के कारण इन क्षेत्रों की गलियाें में भी वाहनों की कतार लगी रही। इस दौरान कई स्कूली वाहन और एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं।
उधर, नेशनल हाईवे दो पर जाम लगने के कारण सर्विस लेन पर भी वाहनों की कतार लग गई थी। इस दौरान बिहार और मध्य प्रदेश से आई तीन एंबुलेंस भी सुबह नौ से 12 बजे तक जाम में फंसी रहीं और मरीजों के परिजन गुहार लगाते रहे कि उन्हें जाने दिया जाए। डाफी टोल प्लाजा के मैनेजर जय राज सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या पर वाहनों का संचालन बंद कर किया गया था। मंगलवार की रात आवागमन शुरू हुआ तो जल्दी आगे निकलने की होड़ और वाहनों के अतिरिक्त दबाव के कारण जाम लग गया था।