वाराणसी। सम्मेलन में आने वाले प्रवासी देश के लगभग हर प्रांत के शाकाहारी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। प्रवासियों के लिए तीन दिन के खान-पान में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र और राजस्थान और दक्षिण भारत के लोकप्रिय व्यंजनों को मेन्यू में शामिल किया गया है। प्रवासियों को बिहार के लिट्टी-चोखा से लेकर मकुनी और पंजाब के मक्के की रोटी का स्वाद भी मिलेगा।
टेंट सिटी में 24 घंटे के नाश्ते की व्यवस्था के तहत चार तरह की मसाला चाय, रेडिमेड चाय, नींबू चाय और ऑल फ्लेवर के टी बैग की चाय मिलेगी, वहीं दो तरह की कॉफी भी पिलाई जाएगी। मौसमी, संतरा और अनार के जूस के अलावा कॉर्न फ्लैक्स दूध, चाकोस दूध, मुसली दूध के साथ चूड़ा दूध भी मिलेगी। सूप, छाछ के साथ मिल्क शेक, बनाना शेक और बादाम शेक भी उपलब्ध रहेगा। फल, सैंडविच, ब्रेड बटर और जैम के अलावा रोस्टेड ड्राई फ्रूट भी परोसे जाएंगे।
काशी के खानपान के अनुसार दही जलेबी, रबड़ी मालपुवा, मीठी दलिया, मेवा खीर और दो तरह का हलवा रहेेगा। जबकि मेन कोर्स में छोले-भटूरे, कचौड़ी-सब्जी, पनीर और प्लेन पराठा, इडली-सांभर, चूड़ा मटर और पावभाजी, डोसा, सत्तू का पराठा चोखा, चिल्ला, उपमा दिया जाएगा। भोजन व्यवस्था संभाल रही लखनऊ की फर्म के संचालक अजीत राय ने बताया कि सभी व्यंजनों को बनारसी लुक दिया गया है।
तीन दिनों के प्रवासियों को परोसे जाने वाले लंच में लिट्टी चोखा, परवल की भरवा कलौंजी, पालक मकई, मुंगौची, दाल अरहर, आलू टमाटर की रसेदार सब्जी, टमाटर प्याज और पुदीना मिर्च की चटनी, भात और तवा रोटी के साथ गाजर का हलवा, भरवा गुलाब जामुन, मलाई चमचम, बनारस के परवल की मिठाई है। शाम के नाश्ते में टमाटर की चाट, आलू टिक्की, आलू मसाला, अस्सी घाट की झालमुड़ी, छोले समोसा, बनारस के घाटों पर मिलने वाली नींबू की चाय और बनारस की नान खर्टाई भी दी जाएगी। कुल्हड़ में चाय और कुल्हड़ की रबड़ी, बनारस की मेवा बर्फी उपलब्ध रहेगी।
डिनर में सत्तू का मकुनी, आलू चने की घुघनी, वेज बिरयानी, सरसों का साग, मक्के की रोटी, अमृतसरी कुलचे और छोले, गट्टा करी, पनीर की सब्जी और चूरमा रहेगा जबकि इसके साथ ही बीकानेरी पराठा, दाल पंचमेल, तवा रोटी है। डेजर्ट में मूंग दाल का हलवा, जलेबी रबड़ी, गुड़ का रसगुल्ला और रस माधुरी, राजभोग, बादाम का हलवा और ठंडई शामिल की गई है।
22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बड़ा लालपुर स्टेडियम में सभा के दौरान प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के साथ भोजन के लिए अलग व्यवस्था की गई है। इस दौरान रसेदार सब्जी, मिक्स बनारसी झोल, दाल अरहर, दाल मखनी के साथ मिक्स दाल तड़का, चावल, कश्मीरी पुलाव, जीरा चावल, रोटी तवा रोटी, पूड़ी, पालक पूड़ी, दाल वाली कचौड़ी और सादा पूड़ी शामिल परोसी जाएगी। सलाद के अलावा अंकुरित चना, मूंग, हरी-मीठी चटनी के साथ गाजर और मूंग का हलवा भी परोसा जाएगा।