वाराणसी। अब संसद भवन और एयरपोर्ट की तर्ज पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था होगी। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां प्लान तैयार करेंगी, ताकि श्रद्धालु अपने सामान के साथ भी कॉरिडोर क्षेत्र में जा सकें। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को पूरा प्लान तैयार करने को कहा गया है। यह निर्णय कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में मंदिर के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण को लेकर गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया। साथ ही मंदिर के नक्शे को लेकर कंसलटेंट कंपनी ने अपना प्रजेंटेशन दिया। पूरी बैठक में श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्घ कराने पर चर्चा की गई।
मंदिर में कुल चार स्तर की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई है। इसमें इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, एयर सर्विलांस, बोलार्ड सिस्टम के अलावा एक्सेस कंट्रोल से सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए आईजी विजय सिंह मीणा, कमांडेट सीआरपीएफ एनपी सिंह और एसपी सुरक्षा को जिम्मेदारी दी गई है। इनकी प्लानिंग के बाद मंदिर प्रशासन उसका क्रियान्वयन कराएगी। नई सुरक्षा व्यवस्था से श्रद्धालुओं के सामनों की चेकिंग की जा सकेगी। सुरक्षा का एक्सेस कंट्रोल मंदिर परिसर में प्रवेश के चारों दरवाजों पर लगाया जाएगा। पूरे कॉरिडोर में वाच टॉवर भी बनाए जाएंगे।
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कंसलटेंट कंपनी ने दिया प्रजेंटेशन
काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण व चौड़े पाथवे पर कंसल्टेंट द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन पर अधिकारियों ने मंथन किया। दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा, पौराणिकता को प्राथमिकता पर लेने की बात कही गई। प्रेजेंटेशन में वर्तमान स्थिति, गंगा से मंदिर तक आने की संकरी गलियों को दिखाते हुए विस्तारीकरण व चौड़े पाथवे का प्लान अधिकारियों के सामने रखा। बताया कि गंगा घाट से मंदिर के बीच पाथवे की 350 मीटर लंबाई होगी। प्रारम्भिक प्लान में मंदिर को 47 बाई 42 मीटर के आयताकार चौक क्षेत्र के दायरे में कर दिया जाएगा। इस मुख्य परिसर के चारों ओर द्वार बनेंगे। मंदिर परिसर के बाहर एक खुला मैदान होगा। वहीं ज्ञानवापी परिसर के पास भी खुले क्षेत्र प्रावधान किया गया है।
अधिकारियों ने ये दिए सुझाव
बैठक में अधिकारियों ने कंपनी को कुछ सुझाव भी दिए। इसमें कमिश्नर ने खुले में जो चौक बनेंगे उनमें काशी व मंदिर की पौराणिकता व इतिहास लिखा हुआ म्यूजियम, मल्टीपरपज हाल, सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग, फोर्स के टावर, दर्शनार्थियों के प्रवेश व निकास के अलग-अलग द्वार आदि को सुरक्षा के हिसाब से बनाया जाए। बैठक में उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राजेश कुमार, मंदिर के सीईओ विशाल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी उपस्थित रहे।