ज्ञानपुर। भदोही जिले में गणपति उत्सव की धूम मची है। बृहस्पतिवार को पंडालों में मूर्तियों की स्थापना कर पूजा पाठ शुरू हो जाएगा। इसके लिए बुधवार शाम तक गणेशोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया। स्थानीय स्तर के अलावा बाहर से आए कारीगर पंडाल तैयार करने में जुटे रहे। सरकारी आंकड़ों में जिले में 25 स्थानों पर पंडाल लगाकर गणेश पूजनोत्सव होने की जानकारी दर्ज है, लेकिन ऑफ दी रिकार्ड यह आंकड़ा काफी ज्यादा है। जिले में छोटे-बड़े लगभग पांच दर्जन स्थानों पर गणेश पूजनोत्सव हो रहा है। 2008 में गणेशोत्सव के मौके पर भदोही नगर में अबीर-गुलाल उड़ाने को लेकर हुए विवाद के बाद त्योहार को लेकर प्रशासनिक संवेदनशीलता बढ़ गई है। यही वजह है कि त्योहार को सकुशल संपन्न कराने को लेकर सुरक्षा के चौकस इंतजाम किए गए हैं। पंडाल तैयारी में लगे कारीगरों ने बुधवार देर शाम तक पंडालों को लगभग पूरा कर दिया। बृहस्पतिवार को पंडालों में मूर्ति स्थापित की जाएगी। ज्ञानपुर नगर में तीन स्थानों पर मूर्ति स्थापित करने की तैयारी है। इनमें पुरानी बाजार, बालीपुर और बस स्टैंड पर गणेश पूजा की जाएगी। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक औराई में सात, ज्ञानपुर में एक, गोपीगंज में दो, भदोही में पांच, नई बाजार में दो, मर्यादपट्टी में दो, सुरियावां में दो और कोइरौना में दो स्थानों पर पंडाल बनाकर गणेश पूजन किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुजातपुर के पं. शरद पांडेय शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पंडालों में गणपति विराजमान होते हैं। इसी के साथ दर्शन-पूजन शुरू हो जाता है। इसे विनायक चतुर्थी और लोक परंपरा में ढेला चौथ भी कहा जाता है। इस दिन चंद्र दर्शन निषेध होता है। मूर्ति स्थापना के बाद डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन, नौ या 11 दिन की पूजा के बाद मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। गणेश उत्सव को लेकर नगरीय क्षेत्र में चहल-पहल बढ़ गई है। रोडवेज परिसर स्थित हनुमत कुटिया में श्री गणेश उत्सव समिति की ओर से गणेश प्रतिमा बैठाई जाती है। समिति के आयुष जायसवाल, सत्यम देवंशी, रवि माली, गौतम, राहुल, अन्नू, शिवम, विक्की, सत्यम, आदर्श आदि ने कहा कि 13 सितंबर को मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसी तरह पुरानी बाजार के जायसवाल भवन में गणेश पूजा का आयोजन किया गया है। आरती सुबह आठ बजे और शाम को सात बजे होगी।