ज्ञानपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कालीन नगरी से गहरा सरोकार रहा है। सन 1998 में विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित जनसभा में उन्हें सुनने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा था। आधे घंटे के लिए समूचा ज्ञानपुर नगर मानो ठहर सा गया था। सभा में जनता ने ध्यानमग्न होगर अटल जी की एक-एक बात को ध्यान से सुना थे। इसके पूर्व वह जनसंघ के प्रचार के लिए जिले में तीन बार आए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को बृहस्पतिवार को जीवन रक्षक प्रणाली पर की खबर पाकर सुबह से ही प्रशंसक उनकी सलामती के लिए दुआएं मांगने लगे। हालांकि शाम चार बजे के आसपास निधन की खबर मिलते ही प्रशंसक मायूस हो गए। हर कोई उन्हें याद करता दिखा। जिले में उनके आगमन और देशहित के लिए उठाए गए उनके कदमों के बारे में लोग चर्चा करते रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि सांसद वीरेंद्र सिंह के चुनाव प्रचार के लिए 1998 में जब बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जीआईसी मैदान में सभा को संबोधित करने आए तो पूरा जिला उमड़ पड़ा था। 10 मिनट के अंदर पूरा मैदान खचाखच भर गया। अटल जी को सुनने के लिए लोग जगह न मिलने पर आसपास के घरों पर चढ़ गए थे। भीड़ इस कदर हो गई थी कि ज्ञानपुर नगर की रफ्तार एकबारगी मानो थम सी गई। इसके पूर्व 1996 में राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में अटल जी को आना था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से नहीं आ सके थे। इसके बाद उनका पत्र जिले में आया था। कौलापुर निवासी सरयूनाथ शुक्ला ने बताया कि जनसंघ की स्थापना के बाद जिले में प्रचार के लिए अटल जी वर्ष 1961, 1962 और 1971 में आए थे। उस समय भी उनकी लोकप्रियता गजब की थी। ज्ञानपुर के बुजुर्ग प्रकाश अंबष्ट बताते हैं कि उनके पिता रामदेव अंबष्ट के यहां पूर्व प्रधानमंत्री एक बार कुछ समय के लिए रुके थे। उस समय वह मुखर्जी पार्क में आयोजित जनसंघ की सभा में शामिल होने आए थे।