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बिना किताब स्कूल जा रहे 65 हजार बच्चे

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ज्ञानपुर। शिक्षण सत्र शुरू होने के चार महीने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के बच्चों को न तो किताबें मिल पाई हैं न यूनिफार्म। शासन-प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है। विभिन्न कक्षाओं के करीब 65 हजार बच्चे किताबों के बिना स्कूल जा रहे हैं जबकि 30 हजार छात्र-छात्राओं को यूनिफार्म का इंतजार है। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बेहतर करने और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से तमाम योजनाएं चल रही हैं, लेकिन बेहतर मॉनिटरिंग न होने से धरातल पर सब कुछ ढाक के तीन पात हो जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था कि 15 से 31 जुलाई तक सभी बच्चों को यूनिफॉर्म और किताबें उपलब्ध हो जाएं, लेकिन जिले में अब तक 50 फीसदी बच्चों को ही किताब मिल सकी, जिससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पुरानी किताब या खाली हाथ ही स्कूलों में पहुंच रहे हैं। इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पंजीकृत एक लाख 28 हजार बच्चों में करीब 65 हजार को किताब उपलब्ध कराई गई। अब तक पहली, दूसरी, तीसरी और छठीं कक्षा की किताबें ही विभाग को उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसी तरह 75 फीसदी बच्चों तक यूनिफॉर्म पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। एक लाख 28 हजार में करीब एक लाख बच्चे ड्रेस पा चुके हैं। विभाग का दावा है कि एक सप्ताह में शत प्रतिशत बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दिया जाएगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने कहा कि चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं की कक्षा की ही किताब अभी शासन से मिली हैं। जो किताएं आईं थीं, उन्हें एनपीआरसी के माध्यम से विद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिन कक्षाओं की पुस्तकें अब तक नहीं आई हैं, उन बच्चों को पुरानी किताबें उपलब्ध कराकर पढ़ाई कराई जा रही है।
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