भदोही। पिछले चार दिन से तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को दिन भर चली। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के निजीकरण का विरोध कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर सिविल लाइन स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रांतीय विद्युत संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारी निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को दिन भर कार्य बहिष्कार की वजह से न तो बिल जमा हुए और न उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनी गईं। यही नहीं, कहीं भी फाल्ट भी दुरुस्त नहीं किए गए। वक्ताओं ने कहा कि लखनऊ में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों की वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता हुई है। इसमें निजीकरण का प्रस्ताव रद्द करने की मांग की गई। कहा गया कि यदि सरकार अपनी जिद पर अड़ी रही तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। धरने के दौरान सरकार विरोधी खूब नारे लगाए गए। आंदोलन में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश, विद्युत मजदूर पंचायत व विद्युत तकनीति एकता संघ भी शामिल है। धरने पर विद्युत मजदूर पंचायत के जिलाध्यक्ष मुराद अली, एसडीओ गोविंद प्रसाद, सुनील यादव, एके श्रीवास्तव, मीतरंजन सिंह, विनोद यादव, धर्मेंद्र गुप्ता, आरबी भारती, एसडी यादव, दीपक दूबे, माधो द्विवेदी, राजकुमार सिंह, संतोष श्रीवास्तव, मो. नसीम, शीतला प्रसाद, संजय सिंह, ध्रुव कुमार, शैलेंद्र मौर्य, विजय शंकर भारती आदि मौजूद थे।