वाराणसी। महाशिवरात्रि पर श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या से निकली रामराज्य रथयात्रा ठीक दूसरे दिन बुधवार को काशी पहुंची। गुरुवार की सुबह आठ बजे यह रथयात्रा प्रयाग रवाना हो जाएगी। संघ प्रमुख के आगमन से एक दिन पूर्व काशी पहुंची रथयात्रा का संतों और जनता ने 50 से अधिक जगहों पर भव्य स्वागत किया। महिलाओं ने भव्य आरती उतारी। भगवान राम, सीता, हनुमान के साथ भगवान की चरण पादुका का दर्शन पाकर जनता धन्य हो गई।
विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की अगुवाई में देश व्यापी रथयात्रा रामनवमी को रामेश्वरम पहुंचेगी। गोल्डन रंग से सुसज्जित रथ के आगे और पीछे दो बड़ी बस और दो ट्वेरा चल रही हैं। जिसमें संत बैठे हैं। काशी पहुंचने पर रथयात्रा कुछ देर के लिए इंग्लिशिया लाइन स्थित विहिप के हिंदू भवन पर रुकी। यहां भगवान की आरती उतारी गई। इसके बाद रथयात्रा लहरतारा स्थित राम जानकी मंदिर पहुंच कर विश्राम किया। जहां-जहां रथयात्रा कुछ देर के लिए रुकी वहां भगवान राम के साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ जमा हो गई। छतों से पुष्पवर्षा की गई।
यह यात्रा तरना, गिलट बाजार, भोजूबीर, पुलिस लाइन, पांडेयपुर, चौकाघाट, तेलियाबाग, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, लहरतारा राम जानकी मंदिर पहुंची। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की महिलाओं ने हुकुलगंज में रथयात्रा की आरती उतारी। श्रीशक्ति शांतानंद को नाजनीज अंसारी ने स्वरचित श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना भेंट किया। 41 दिन की रथयात्रा के पांच उद्देश्य हैं। राम राज्य की पुन: स्थापना, शैक्षणिक पाठ्यक्रम, मंदिर निर्माण, राष्ट्रीय साप्ताहिक अवकाश रविवार के बजाय गुरुवार घोषित करना, विश्व हिंदू दिवस घोषित करना है। यात्रा प्रभारी बजरंग दल के काशी विभाग संयोजक अर्जुन कुमार मौर्य, यात्रा प्रमुख विपिन पाठक, महानगर यात्रा प्रभारी राजन गुप्त, यात्रा प्रमुख निखिल त्रिपाठी हैं। यात्रा का नेतृत्व स्वामी कृष्णानंद सरस्वती और शक्ति शांतानंद महर्षि कर रहे हैं। इस मौके पर दिवाकर, आनंद सिंह, विवेक त्रिपाठी, चंद्रभूषण यादव, गौरव, अजय अग्रहरि, अजय राठौड़ आदि मौजूद रहे।