ज्ञानपुर। केंद्र की मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए भले ही लाल बत्ती का चलन बंद कर दिया हो, लेकिन अधिकारियों से लेकर कर्मचरियों में वीआईपी का मोह खत्म नहीं हो पा रहा है। सरकारी के अलावा निजी वाहनों पर भी उत्तर प्रदेश या भारत सरकार लिखकर चल रहे हैं। अधिकारियों के साथ ही कर्मचारी भी निजी वाहनों पर वीआईपी संकेत लगाकर चलने से बाज नहीं आ रहे हैं। उप संभागीय परिवहन विभाग ऐसे वाहनों पर भी सख्ती नहीं बरत रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब दो माह पूर्व कैबिनेट की बैठक में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए घोषणा की थी। उसके लिए केंद्र से सभी प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। प्रदेश सरकार की ओर से सभी उप संभागीय परिवहन कार्यालयों को पत्र जारी कर इसको प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया है लेकिन जिले में वीआईपी कल्चर पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। माननीयों के साथ कई अफसरों ने भी अपने वाहनों से लालबत्ती तो हटा ली, लेकिन वाहन पर यूपी एवं भारत सरकार लिखना नहीं छोड़ रहे हैं। अधिकारी तो दूर कर्मचारी और बाबू भी अपने निजी वाहनों पर शासन और सुप्रीम कोर्ट की एडवाइजरी की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उप संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र कुमार यादव ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।