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बीएचयू में फिर मांगी रंगदारी, बंद कराया काम

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वाराणसी। बीएचयू में उपद्रव के दूसरे दिन गुरुवार को एकबारगी फिर रंगदारी मांगने का मामला गरमाया। कुछ युवकों ने इंटरनेशनल ब्वायज हॉस्टल का निर्माण बंद कराकर ठेकेदार से रंगदारी मांगी। मना करने पर तोड़फोड़ और मजदूरों से मारपीट की। ठेकेदार ने विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी देने के साथ ही कहा है कि जब तक पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी, काम शुरू नहीं कराया जाएगा। मारपीट से नाराज मजदूरों ने भी परिवार के साथ प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस बीच, विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे आईजी और जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उधर, छात्रों के एक गुट ने केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर कार्यवाहक कुलपति को ज्ञापन दिया और बीएचयू प्रशासन पर फंसाने का आरोप लगाया है। इन छात्रों ने परिसर में आईजी रेंज से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। उपद्रव की घटना के मद्देनजर परिसर के साथ ही सिंहद्वार पर एहतियातन फोर्स तैनात रही। एडीएम सिटी और एसपी सिटी खुद हालात पर नजर रख रहे हैं।
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बीएचयू में बुधवार को हुए बवाल के पीछे भी काम बंद कराकर रंगदारी के लिए धमकाए जाने का मामला सामने आया था। अभी इसकी जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि गुरुवार को रंगदारी का एक और मामला सामने आ गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की बीएचयू परियोजना मंडल इकाई की ओर से अंतराष्ट्रीय छात्रावास के समीप ही इंटरनेशनल ब्वायज हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है। दिल्ली के ठेकेदार देविंदर सिंह ने उच्चाधिकारियों को दिए पत्र में शिकायत की कि सुबह आठ बजे कुछ युवक आए। उन्होंने रंगदारी मांगी। न देने पर तोड़फोड़ और मजदूरों-सुपरवाइजर के साथ मारपीट की। मोबाइल तोड़ दिया। काम बंद करा दिया। ठेकेदार ने कुलपति और चीफ प्राक्टर के अलावा सीपीडब्लूडी के प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ ही पुलिस-प्रशासन को दिए शिकायती पत्र में यह भी कहा है कि इस माहौल में काम कराना मुश्किल है। जब तक पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती तब तक काम शुरू नहीं करा सकेंगे। इस बीच, विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे आईजी दीपक रतन और जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बुधवार को हुई उपद्रव की घटना के मद्देनजर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। एहतियातन फोर्स मुस्तैद रही। गौरतलब है कि आशुतोष सिंह नामक जिस छात्र की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को बीएचयू में उपद्रव हुआ था, उसके विरुद्ध सीपीडब्ल्यूडी के अभियंता की तहरीर पर रंगदारी का भी मुकदमा दर्ज है।
परिसर में तनावपूर्ण खामोशी
वाराणसी। बीएचयू परिसर में तोड़फोड़, आगजनी की घटना के दूसरे दिन गुरुवार को तनावपूर्ण शांति बनी रही। एक ओर जहां नरिया गेट के पास आगजनी वाली जगह और सिंह द्वार पर भारी फोर्स डटी रही, वहीं बीएचयू अस्पताल की ओपीडी, विश्वनाथ मंदिर के बाहर सन्नाटा छाया रहा। बुधवार को छात्र आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में करीब सवा सौ गाड़ियों में तोड़फोड़, स्कूल बस में आग लगाने की घटना से बीएचयू परिसर में दहशत का माहौल बना है। नरिया गेट पर भी करीब 40 की संख्या में पुलिस किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार दिखी। इस बीच आईजी रेंज दीपक रतन ने कुलसचिव, चीफ प्राक्टर से बातचीत करने के साथ ही घटना स्थल का जायजा लिया। इसके अलावा पुलिस के साथ ही प्राक्टोरियल बोर्ड की गाड़ियां परिसर में घूमती रही और छात्रों की हर गतिविधि पर नजर रखी रही। विश्वनाथ मंदिर के गेट पर जिस एटीएम में तोड़फोड़ हुई थी, उसके अलावा पास का दूसरा एटीएम भी बंद रहा और दुकानों पर भीड़ भी कम ही दिखी।
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