वाराणसी। इन दिनों दिल्ली, गाजियाबाद, कानपुर से अधिक प्रदूषित शहरों में काशी भी शुमार हो गई है। इसी के मद्देनजर कोयला आधारित बिजलीघरों के विरोध में मंगलवार को बीएचयू सिंहद्वार पर बच्चों, युवाओं ने मॉस्क और प्रतीकात्मक ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर प्रदर्शन किया। क्लाइमेेट एजेंडा के तहत केयर फॉर एयर की ओर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत प्रदर्शन कर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए 2015 में बनाए गए कानून को लागू करने की मांग की गई।
मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2015 में एक कानून बनाया था जिसके तहत सभी कोयला आधारित बिजली घरों को 2017 तक अपनी तकनीकी को बेहतर बनाने का प्रावधान बनाया गया ताकि इन बिजली घरों के कारण हवा में घुलने वाले जहर को कम किया जा सके। बावजूद इसके केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने हाल ही में घोषणा की है कि वे बिजली घराें को अगले पांच साल के लिए वो इससे छूट लेने की अनुमति दे रहे हैं। इस मौके पर धनंजय त्रिपाठी, ओम प्रकाश मिश्र, रवि शेखर, सानिया अनवर, ओम प्रकाश, संगीता, रितेश, डॉ. इंदु पांडेय, राकेश राव, सुचिता, रवि, सुनील, रवि मौर्य आदि मौजूद रहे।