वाराणसी। दुनिया की तारीख में अनोखा है काशी से छठवीं मुहर्रम को उठने वाला जुलूस। करीब 50 घंटे तक चलने वाला यह जुलूस कच्चीसराय के सिताब राय के निवास से बुधवार को लाडले हसन और इकबाल हुसैन एडवोकेट के जेरे निगरानी उठाया गया। जुलूस के उठते ही जियारत करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। जुलजुनाह को शिरनी खिलाने और मन्नतें मांगने को अकीदतमंदों में होड़ मची रही। ...या हुसैन ...या हुसैन के नारे बुलंद होते रहे।
अंजुमन जव्वादिया के जेरे इंतजाम निकले इस जुलूस में शामिल सैकड़ों अकीदतमंदों ने दुलदुल की जियारत की। शहनाई की धुन पर नौहों के बोल सुन और सीनाजनी-मातम देख लोगों की आंखें नम हो उठीं। कच्चीसराय से जुलूस नई सड़क, काली महल, माताकुंड, पितरकुंडा होते हुए देर रात फातमान पहुंचा। जुलूस के दौरान कई घरों में दुलदुल को जियारत के लिए ले जाया गया जहां ख्वातीन ने दुलदुल को दूध और शिरनी खिलाकर मन्नतें मांगी। फातमान दरगाह से ये जुलूस उठकर पितरकुंडा, चेतगंज, औसानगंज, जैतपुरा, दोषीपुरा, दारानगर, बहेलिया टोला, पठानी टोला, हनुमान फाटक, लाट भैरव, चौहट्टा लाल खां, गायघाट, ठठेरी बाजार, चौक दालमंडी होते हुए शुक्रवार की सुबह कच्चीसराय स्थित इमामबाड़े पर आकर खत्म होगा। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर कई साल से मांग कर रहे हैं कि इस जुलूस को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जाए क्योंकि ये 40 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार चलने वाला इकलौता जुलूस है।