वाराणसी। आजादी के साल सऩ 1947 से होती आ रही नदेसर रामलीला पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वजह कि जिला प्रशासन रामलीला के लिए अनुमति ही नहीं दे रहा। एक महीने से आयोजक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन इजाजत नहीं मिली। सोमवार को नदेसर में पत्रकारों से बातचीत में समिति के अध्यक्ष सत्येंद्र नारायण सिंह, महामंत्री रवि पाठक और संगठन मंत्री नंदलाल यादव ने ऐलान किया कि प्रशासन ने अनुमति नहीं दी तो रामलीला बंद कर दी जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक से गुहार लगा चुके हैं लेकिन रामलीला कराने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन इसकी वजह भी नहीं बता रहा। उन्होंने बताया कि रामलीला कराने के लिए पुलिस, एलआईयू और चिट फंड सोसाइटी सभी ने समिति के पक्ष में संस्तुति की है। कहा कि कुछ लोग रामलीला कमेटी की जमीन हड़पने की नीयत से इसे विवादित बनाने पर आमादा हैं। रामलीला होगी तो जमीन बरकरार रहेगी। रामलीला बंद हो जाएगी तो विपक्षियों को हड़पने का मौका मिल जाएगा।