वाराणसी। धर्म, कला, संस्कृति और पर्यटन की नगरी काशी में सोमवार आधी रात ललिता घाट पर चार कवियों के साथ बदमाशों ने मारपीट कर लूटपाट की। दुखद बात यह भी रही कि सूचना मिलने पर चौक थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई और घायल कवि लगभग 12 घंटे तक मेडिकल मुआयना के लिए भटकते रहे। सिफारिशों के बाद मंगलवार दोपहर दशाश्वमेध थाने में तीन नामजद सहित चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और तीन युवकों को हिरासत में लिया गया।
लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ निवासी कनक तिवारी ने बताया कि वह मंगलवार शाम डीरेका में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल होने आए हैं। सोमवार रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन खत्म होने के बाद वह और उनके तीन कवि मित्र लोहता थाना के भरथरा गांव के दुर्गेश दुबे और बाराबंकी के विकास सिंह व अनिल सिंह करीब 12 बजे ललिता घाट पहुंचे। उन्हें गंगा स्नान कर काशी विश्वनाथ के दर्शन करने थे। नहाने के दौरान वहां मौजूद युवकों ने गालीगलौज शुरू करते मारपीट शुरू कर दी। उनसे 20 हजार रुपये, मोबाइल और सोने की चेन छीन कर हमलावर भाग निकले। मारपीट में दुर्र्गेश सहित अन्य को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई हैं। घायल चारों कवि चौक थाने पहुंचे तो उन्हें घटनास्थल दशाश्वमेध थाना क्षेत्र का बता कर टरका दिया गया। वहां मौजूद लोगों की मदद से हमलावरों की शिनाख्त गढ़वासी टोला के रविशंकर यादव, कुंदन सिंह व मणिकर्णिका घाट के झगड़ू और उनके दोस्तों के तौर पर हुई। इंस्पेक्टर दशाश्वमेध ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर क्षेत्र के संदिग्ध गतिविधियों वाले युवकों से पूछताछ की जा रही है।