वाराणसी। बीएचयू में सामाजिक विज्ञान संकाय के वार्षिक युवा उत्सव अभिकल्पन में शनिवार को काव्यपाठ, कोलाज, मेंहदी, सुभाषण प्रतियोगिता के लिए हुए आडिशन में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने कला का प्रदर्शन किया।
समता भवन में आयोजित ऑडिशन में मेंहदी प्रतियोगिता में जहां हाथों पर आकर्षक डिजाइन की मेंहदी सजाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। कोलाज प्रतियोगिता में अतुलनीय भारत पर चित्र बनाया। काव्यपाठ में राजनीति, सैनिक, प्रेम और औरत विषय पर अलग-अलग कविताएं पढ़ी गई। काव्यपाठ में शाश्वत उपाध्याय ने बिखर कर चुर हुए धरती पर सूरज हो गए शूरमाओ, जिस देश में नेता कुर्सी के संसर्ग से पैदा हों, उस देश में तो ऐसे ही विदा ले सकते हैं। कविता के माध्यम से शहीदों को याद करने के साथ ही वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था का दृश्य प्रदर्शित किया। महेंद्र मिश्र, आशुतोष सिंह आदि प्रतिभागियों ने भी कविता के माध्यम से वीर जवानों की शहादत को याद किया।