वाराणसी। नगर निगम ने अलाव का बजट तो डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा दिया लेकिन आधी जगहों पर अलाव ठंडे पड़े हैं। पिछले तीन दिनों से ठंड बढ़ने के बाद भी न तो अधिकारियों ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने कोई सुधि ली। अधिकांश रैन बसेरे खाली मिले। अमर उजाला की टीम ने गुरुवार रात 11 बजे से लेकर 12:30 बजे तक शहर का जायजा लिया।
गुरुवार को रात 11 बजे शिवदासपुर शेल्टर होम के बाहर लकड़ियां पड़ी थीं पर अलाव नहीं जल रहा था। रात सवा 12 बजे रोडवेज स्टैंड पर यात्री ठिठुरते नजर आए। यहां कोई अलाव नहीं जल रहा था। इसके आगे सिगरा, मलदहिया, रथयात्रा, लक्सा, गिरजाघर, गोदौलिया चौराहे पर अलाव नदारद थे। गंगा घाट के आसपास बाहर से आए यात्री ठिठुरते नजर आए।
11:25 बजे लहरतारा गेट नंबर पांच के शेल्टर होम के बाहर अलाव जल रहे थे और शेल्टर होम के अंदर लकड़ियां रखी हुई थीं। इसके आगे मालगोदाम शेल्टर होम में भी अलाव जल रहे थे और लोग अंदर आराम कर रहे थे। कैंट रेलवे स्टेशन पर रात 12 बजे अमर उजाला की टीम पहुंची तो जीआरपी बूथ के बाहर यात्री अलाव के पास बैठे थे।
नगर निगम का हर साल का करीब 10 लाख रुपए का बजट अलाव जलाने का होता है। इस साल प्रवासी भारतीय सम्मेलन को देखते हुए करीब 100 से अधिक जगहों पर अलाव जलाने की योजना थी। इसके लिए बजट भी करीब 16 लाख रुपए रखा गया था। नगर निगम के उद्यान अधीक्षक कृपा शंकर पांडेय ने बताया कि अब मात्र पचास स्थानों पर अलाव जलवाया जा रहा है। जब सर्दी अधिक थी तो शहर में 90 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे थे।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार का न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को न्यूनतम तापमान 7.1 और मंगलवार को 7.6 डिग्री था। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मौसम बिगड़ने के आसार हैं और कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हो सकती है।