वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमान खुद तय करेंगे कि वे काशी में क्या देखेंगे, कहां घूमेंगे या किस मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। शासन, प्रशासन की ओर से अतिथियों के घूमने, टहलने व पर्यटन को लेकर कोई बाध्यता नहीं होगी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन 21 जनवरी से 23 जनवरी तक होगा।
पर्यटन विभाग ने प्रवासी अतिथियों के पर्यटन, दर्शन-पूजन को लेकर कार्ययोजना तैयार की है। इसे पीबीडी (प्रवासी भारतीय दिवस) की साइट पर अपलोड किया जा रहा है। प्रवासी अपनी रुचि व श्रद्धा के आधार पर अपने लिए विकल्प चुन सकेंगे। चुनाव के आधार पर सैलानियों की संख्या तय की जाएगी और उसके लिए जरूरी सुविधा, संसाधन मुहैया कराए जाएंगे।
हेरिटेज वॉक, शाम की गंगा आरती, काशी विश्वनाथ मंदिर, सारनाथ, सुबह-ए-बनारस को केंद्र में रखकर भ्रमण कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। यह पीबीडी की साइट पर अपलोड किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह से वैकल्पिक हैं। कौन किस जगह घूमने जाएगा, सुबह की आरती देखेगा या शाम की, यह प्रवासी भारतीय ही तय करेंगे। पीबीडी की साइट पर प्रवासी भारतीय अपने रुचि के अनुसार विकल्प चुनेंगे। होटल में ठहरेंगे या टेंट सिटी में, इसका चुनाव भी प्रवासी ऑनलाइन ही कर रहे हैं। इसी के आधार पर शासन, प्रशासन को भी एक आंकड़ा मिल जाएगा कि कौन कहां जाएगा और क्या देखेगा। सम्मेलन के लिए जिले के सभी होटलों के मिलाकर 1200 कमरें प्री बुक कर लिए गए हैं। प्रवासी अपनी क्षमता व पसंद के आधार पर होटल या टेंट सिटी आदि की बुकिंग कराएंगे और इसके लिए भुगतान करेंगे।
मदद के लिए टूरिस्ट पुलिस व अप्रूव्ड गाइड
प्रवासी सम्मेलन के दौरान अतिथियों के स्वागत व सहयोग में पर्यटक पुलिस को लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें पर्यटन क्षेत्रों की खासियत व इतिहास से रूबरू कराने के लिए अप्रूव्ड गाइडों की मदद ली जाएगी। काशी के अलावा अन्य क्षेत्रों से अप्रूव्ड गाइड का सहयोग लिया जा रहा है। वे रास्ता दिखाने के साथ उनके सफर को आसान बनाएंगे।
उद्यमी बताएंगे बनारस और विदेश में अवसर
प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान 21 जनवरी को होने वाले उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस में स्थानीय उद्यमी वाराणसी में उद्योग की संभावनाएं बताएंगे। इसके साथ ही वे विदेशों में वाराणसी के उत्पादों के लिए संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यूपी पीबीडी में यह नया सत्र जोड़ा जा रहा है।