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किशोरी को भगाने में पिता-पुत्र को कैद

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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसला कर भगाने के आरोप में बाप-बेटे को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को गांव के ही पंडित लाल और रामबाबू ने बहला-फुसलाकर 26 मई 2005 को गायब कर दिया। काफी खोजबीन के बाद गांव वालों ने बताया कि आरोपियों के साथ उसकी लड़की को गोपीगंज की तरफ जाते हुए देखा गया। मामले की शिकायत गोपीगंज थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली तब मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। गवाहों के बयान और तर्कों को सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने रामबाबू और बेटे पंडित लाल को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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