वाराणसी। नेटवर्क टेक्नालॉजी के क्षेत्र में शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ की स्थापना की जाएगी। ऐसा केंद्र जहां सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के क्षेत्र में शोध होंगे। ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ की मदद से स्मार्ट सिटी, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट और स्मार्ट वेदर मॉनिटरिंग पर इस केंद्र में शोध होंगे। इसके लिए हेवलेट पैकर्ड (एचपी) इंटरप्राइजेज ने बीएचयू के साथ मिलाया है। दोनों संस्थानों के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ।
कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की मौजूदगी में एलडी गेस्ट हाउस में एमओयू पर बीएचयू की ओर से कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और एचपी के कंट्री मैनेजर कमल कश्यप ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत एक करोड़ की लागत से बीएचयू में केंद्र की स्थापना की जाएगी। शुरुआत में केंद्र स्मार्ट कैंपस के क्षेत्र में काम करेगा। कुलपति ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों में शोध की दिशा में बेहतर तालमेल होना चाहिए। इस दिशा में ये केंद्र बेहतर साबित होगा। इस अवसर पर विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. नवीन कुमार सिंह, प्रो. विवेक कुमार सिंह, प्रो. रोयाना सिंह, प्रो. के कार्तिकेयन, एचपी की ओर से अम्बरीश बकया आदि मौजूद रहे।