घोसिया। भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविवार को घोसिया में मुस्लिम महिला जागरूकता एवं विकास सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें केंद्र सरकार के तीन तलाक के फैसले को लेकर परिचर्चा की गई। मुस्लिम महिलाओं ने कानून को सख्त बनाने के साथ ही राज्यपाल को संबोधित तीन बिंदुओं का पत्रक भेजा।
मुख्य अतिथि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच पश्चिम प्रांत शाहिना परवीन ने तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं में कितना हितकर उन्हें इसका क्या लाभ मिलेगा इस पर प्रकाश डाला। बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने तीन तलाक पर अपनी राय रखी। इसमें सजा को तीन से 10 साल करने के साथ कोड़ा लगाने, तुरंत गिरफ्तारी और कानून को गैर जमानती बनाने की मांग की गई। निकाह का पंजीकरण अनिवार्य रूप से करने, पिछले तलाक में जितने भी कानूनी मामले हो उसे नये कानून के अनुसार चलाया जाए ,महिला को पति के चल या अचल संपत्ति में 50 फीसदी हिस्सा मिले, तलाक कुरान के अनुसार 90 दिन में दिया जाए, हलाला को पूरी तरह अवैध किया जाए, पीड़ित महिला के भरण पोषण की व्यवस्था, उकसाने वालों को भी सजा का प्रावधान, सरकार पीड़ित महिला के लिए अलग से कोष निर्धारित करें। उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई से लेकर भरण पोषण पर भी देने की आवाज उठाई। यदि महिला स्वयं तलाक लेना चाहती है या पति को परेशान करने के नियति से मुकदमा दर्ज कराती है तो उस पर भी दो से तीन साल की सजा तय हो। निकाहनामें का स्वरूप एक हो और भारतीय भाषा में हो, मॉडल निकाहनामा ऑनलाइन हो और तलाक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया जाए। तलाक कानून क्या है उसकी जानकारी स्कूल, कॉलेज स्तर लोगों को दिया जाए। इस दौरान डॉ. शाबाना आजमी, शालिनी आर्या, स्वामी मुरारी दास, रेनू पांडेय,आयोजन विधायक दीनानाथ भाष्कर, राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह, राजिया बेगम, फरीदा बेगम, हौसिला पाठक, कन्हैयालाल मिश्रा, संतोष, अश्विनी मिश्रा, चून्नू दूबे, आलोक मिश्रा, धनंजय दूबे, भोला हाशमी आदि रहे।