वाराणसी। साल बीत गया लेकिन तमाम कवायद के बाद भी जिले के आठ ब्लाकों में से किसी एक को भी खुले में शौच मुक्त घोषित नहीं किया जा सका है। ये हाल तब है जब वाराणसी पीएम नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यहां प्राथमिकता के आधार पर काम होना है। काम पूरा न हो पाने की स्थिति में शासन ने जिले के आठ ब्लाकों को खुले में पूरी तरह शौच मुक्त करने करने की तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी है। जिले में तकरीबन 40 प्रतिशत काम बाकी है। कम उम्मीद है कि 31 मार्च तक भी जिले को पूरी तरह खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा सके।
पिछले महीने ही योगी आदित्यनाथ ने काशी विद्यापीठ ब्लाक को ओडीएफ घोषित कर प्रमाणपत्र दिया था। सच्चाई यह है कि काशी विद्यापीठ को अब तक ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सका है। यहां अभी पंद्रह प्रतिशत काम बाकी है। इसके बाद हरहुआ और चिरईगांव ब्लाक को ओडीएफ करने का दावा किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि 20 जनवरी तक हरहुआ और चिरईगांव को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। इन दो ब्लाकों में करीब 85 से 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। काम पूरा करने में बजट भी एक बड़ी अड़चन बताई जा रही है। करीब 50 करोड़ से ज्यादा का बजट जारी होना शेष है। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि 31 मार्च तक सभी ब्लाकों को खुले में शौच मुक्त करा दिया जाएगा।