वाराणसी। ज्ञानवापी से लगे बांसफाटक पर एक भवन में खुदाई के दौरान निकले प्राचीन शिवलिंग का शुक्रवार को अभिषेक किया गया। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने सुबह प्राचीन शिवलिंग की सविधि पूजा की। फूलमाला अर्पित किया। इसी के साथ वहां शिवलिंग के दर्शन के लिए भी लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। देर शाम तक खुदाई की जाती रही। मंदिर प्रशासन का कहना है कि अभी अरघा सहित पूर्ण रूप से विग्रह दिखाई देने में एक-दो दिन का समय लग सकता है। 10 फीट से अधिक गहरी खुदाई के बाद यह शिवलिंग मिला है।
हिंदू सेवा सदन की गली में स्थित भार्गव कटरे में जहां शिवलिंग मिला, वहां कुछ व्यवसायी और नागरिक समाधि होने का दावा कर रहे थे। इस आधार पर दूकान के कोने में बने ताख पर माला भी चढ़ाई जाती थी। इस भवन को जब विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने खरीदा तब वहां जमीन में शिवलिंग दबे होने की जानकारी दी गई। इस आधार पर मंदिर प्रशासन ने बंद कमरे में खुदाई आरंभ कराई थी। शुक्रवार को सीईओ ने खुदाई में निकले शिवलिंग की पूजा की। अभिषेक किया। मंदिर के अर्चकों ने वेद मंत्रोच्चार के साथ शिवलिंग की पूजा कराई। सीईओ ने बताया कि विग्रह के स्वरूप को पूरी तरह बाहर लाने के लिए अभी वहां खुदाई जारी रहेगी। भार्गव कटरे में ही इस शिवलिंग की नए सिरे से प्राण प्रतिष्ठा और संरक्षण की योजना बनाई जा रही है।