वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव के निजी चालक महेंद्र मौर्या को दो जिलों की पुलिस और विजिलेंस अब तक तलाश नहीं पाई है। विजिलेंस और पुलिस की ओर से न्यायालय में दायर की गई चार्जशीट में भी महेंद्र का जिक्र नहीं है। आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के दौरान भी विजिलेंस महेंद्र का बयान नहीं ले पाई है। यादव की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।
महेंद्र के नाम से ही छावनी क्षेत्र में पचास करोड़ का होटल है। वह यादव की कई बेनामी संपत्तियों में भी हिस्सेदार बताया जाता है। पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की टीमें होटल पर छापेमारी कर चुकी हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ पुलिस अधिकारी यादव को जांच में ढील देने के लिए उसकी पैरवी में लगे हुए हैं। शायद इसीलिए महेंद्र के एक माह से वाराणसी में रहने के बाद भी किसी एजेंसी ने उससे संपर्क नहीं किया है।
यादव के खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों की जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही है। चंदौली कोतवाली में दर्ज भ्रष्टाचार संबंधी मुकदमे की जांच विजिलेंस कर रही हैं। मुगलसराय थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना चंदौली पुलिस कर रही है। मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। यादव की गिरफ्तारी के बाद चंदौली पुलिस उसे सबसे पहले छावनी स्थित होटल वेस्ट इन और घर ले कर गई थी। उसी समय पता चला था कि करोड़ों के होटल का मालिक उसका निजी चालक महेंद्र है। जांच-पड़ताल के दौरान महेंद्र के घर कई बार नोटिस चस्पा की गईं लेकिन वह जांच एजेंसियों के पास बयान देने नहीं पहुंचा।