वाराणसी। जिला पंचायत की ओर से कराए जा रहे कार्यों में अनियमितता की शिकायतें अपर मुख्य सचिव तक पहुंची हैं। दो जिला पंचायत सदस्यों ने ऐसे तीन कार्यों का जिक्र किया है और दावा किया है कि इन कार्यों का भुगतान काम शुरू होने से पहले ही कर दिया गया।
सेक्टर नंबर पांच से जिला पंचायत सदस्य कुंवर वीरेंद्र और सेक्टर नंबर दो से सदस्य रीता सोनकर ने अपर मुख्य सचिव से शिकायत की है कि कई क्षेत्रों में बिना काम कराए ही ठेकेदारों को भुगतान कर दिया जा रहा है। बच्छांव में चार सौ मीटर सीसी रोड बननी थी। 15 लाख का बजट था। काम शुरू नहीं हुआ और साढ़े सात लाख का भुगतान कर दिया गया। इसी तरह, रमना में 2.70 लाख से खड़ंजे का काम होना था। 2.10 लाख का भुगतान पहले ही कर दिया गया और खड़ंजा दो दिन पहले लगाया गया। मंडुवाडीह में गणेश मंदिर के पास सौ मीटर सीवर का काम होना था लेकिन काम हुए बिना ही भुगतान कर दिया गया। इस बारे में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुधीर कुमार का कहना है कि कुछ ठेकेदारों की शिकायत मिली है। संबंधित इंजीनियरों को दस दिन में कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
28 जुलाई के बाद से नहीं हुई बैठक
नियमानुसार जिला पंचायत की बैठक हर दो महीने में एक बार होनी चाहिए लेकिन पिछली 28 जुलाई के बाद से अब तक कोई बैठक नहीं हुई है। आरोप है कि 28 जुलाई को विश्वास मत हासिल करने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर और उनके करीबी कहे जाने वाले सदस्य अब यदा कदा ही जिला पंचायत में दिखाई देते हैं। अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी चल रही है। शिकायत पर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।