वाराणसी। गोवा में नौसेना में तैनात मलदहिया निवासी लीडिंग मैट्रीकु लेशन इंजीनियर दीपक दूबे (26) की सड़क दुघर्टना में मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को विशेष विमान से दीपक का पार्थिव शरीर बाबतपुर लाया गया। यहां से 39 जीटीसी के जवानों की एक टोली पार्थिव शरीर लेकर पहले कैंटोनमेंट पहुंची जहां अधिकारियों और जवानों ने सलामी दी। शाम को मणिकर्णिका घाट पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मलदहिया निवासी केदारनाथ दूबे और बिंदूमति देवी की दो बेटी और एक बेटे में सबसे छोटे दीपक माता-पिता संग गोवा में ही रहते थे। 25 जून को वे ड्यूटी से लौट कर घर जा रहे थे कि रास्ते में उनकी बुलेट एक बस से टकरा गई। इस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। इसकी जानकारी साथियों को मिली तो वे घटनास्थल पर पहुंचे। यहां विभागीय कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें सलामी दी गई और फिर नौसैनिकों की एक टोली विशेष विमान से उनका पार्थिव शरीर लेकर बाबतपुर पहुंची। इधर, 39 जीटीसी के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर मलदहिया स्थित आवास पर पहुंचे। यहां यहां कुछ रस्में पूरी करने के बाद सेना के जवानों के साथ परिवारीजन और सगे-संबंधी मणिकर्णिका घाट पहुंचे। यहां आर्मी और नौसेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी। दुर्घटना के बाद से पिता की मानसिक स्थिति ठीक न होने के चलते बड़े पिता सिंधू ने मुखाग्नि दी।