वाराणसी। विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र में आने वाले तीन प्रमुख भवनों मुमुक्षु भवन, जूना अखाड़ा और निर्मल मठ के मामले का निस्तारण स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। आठ फरवरी को काशी आए मुख्यमंत्री ने इन भवनों का संज्ञान लेते हुए मामले में खुद पहल करने की बात कही। अब अधिकारी इन तीनों भवनों को छोड़कर अन्य भवनों को खरीदने में लगे हुए हैं।
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल विश्वनाथ कॉरिडोर में निजी संपत्तियों की खरीदारी अब अंतिम चरण में है। 50 ऐसे भवन थे जिनकी सूची तैयार कर शासन को अधिग्रहण करने के लिए भेजा गया है। इसमें मुमुक्षु भवन, जूना अखाड़ा और निर्मल मठ भी शामिल हैं। धार्मिकता से जुड़े होने के चलते इन भवनों पर प्रशासन अधिक दबाव नहीं बना पा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री आठ फरवरी को काशी पहुंचे। रात्रि में जब कॉरिडोर पहुंचे तब उन्होंने अधिकारियों से बीच में खड़े तीन भवनों के बारे में जानकारी ली। तब उन्हें बताया गया कि मुमुक्षु भवन में रहने वाले लोग भवन के बदले भवन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे ही भवन मिलेगा हम लोग यहां से चले जाएंगे। वहीं जूना अखाड़ा और निर्मल अखाड़े को लेकर उन्होंने संतों से वार्ता करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने स्तर से मुमुक्षु भवन की व्यवस्था करेंगे। जूना अखाड़ा और निर्मल मठ को लेकर हम प्रयागराज में संतों से वार्ता कर लेंगे।