वाराणसी। प्रशासनिक महकमा प्रवासी भारतीय सम्मेलन की कागजी तैयारियों में ही जुटा है। रिंग रोड किनारे ऐढ़े गांव में बन रहे टेंट सिटी में अब तक न तो सीवर का कनेक्शन किया गया और न ही पानी की टंकी से पाइप लाइन जोड़ी गई है। अंदर संपर्क मार्गों को लेकर भी गंभीरता नहीं दिख रही है। एनआरआई विभाग ने रविवार को खामियों की वीडियो रिकार्डिंग के साथ शासन को अधिकारियों की लापरवाही पर रिपोर्ट भेजी है।
21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में अब 14 दिन ही शेष है और ज्यादातर काम लंबित पड़े हैं। 14 सौ लोगों के ठहरने के लिए तैयार हो रहे टेंट सिटी में छह सौ से ज्यादा टेंट बनाए जा रहे हैं। इसमें सीवरेज के लिए अलग व्यवस्था होनी है। पाइप लाइन बिछाने के बाद सेफ्टी टैंक बनाया जाना है, मगर अब तक यहां न तो सेफ्टी टैंक का काम पूरा किया गया और न ही सीवर कनेक्शन दिए गए। ज्यादातर टेंट में फिटिंग नहीं होने से इसकी टेस्टिंग भी संभव नहीं है। उधर, यहां पानी की आपूर्ति के लिए एक किलोमीटर दूर बने ओवरहेड टैंक से कनेक्शन होना है, इसे लेकर जल निगम गंभीर नहीं है। यहां बता दें कि सरकारी लापरवाही को देखते हुए बैकअप के लिए कार्यदायी संस्था ने अलग-अलग क्षेत्रों में चार बोरिंग किए हैं। संपर्क मार्ग तैयार करने का काम लोक निर्माण कर रहा है, मगर इसकी गति बहुत ही धीमी है।
समतलीकरण पर भी ध्यान नहीं
24 दिसंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने निरीक्षण के बाद टेंट सिटी में समतलीकरण नहीं होने पर नाराजगी जताई थी और तत्काल समतलीकरण का निर्देश दिया था। इसके बाद मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय और डीजीपी ओपी सिंह ने भी समतलीकरण न होने पर नाराजगी जताई, मगर कार्यदायी संस्था इस पर ध्यान नहीं दे रही है। उधर, कर्मचारियों का दावा है कि टेंट का काम पूरा होने के बाद बची जमीन का समतलीकरण किया जाएगा।
एनआरआई विभाग ने कराई रिकार्डिंग
स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर एनआरआई विभाग ने पूरे क्षेत्र की रिकार्डिंग कराई है और उसकी पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें सीवर, पानी और सड़क के मामले में की जा रही लापरवाही का उल्लेख है।