ज्ञानपुर। बिजली की मनमानी कटौती से लोग बेहाल हो रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचल तक में रोस्टर को दरकिनार कर अंधाधुंध कटौती की जा रही है। शनिवार शाम से रविवार शाम तक जिला मुख्यालय को बमुश्किल 12 से 14 घंटे बिजली मिल सकी। गांव में भी बिजली आपूर्ति बेपटरी रही। पांच से सात घंटे भी बिजली नहीं मिली। इससे जलापूर्ति भी प्रभावित रही। गर्मी और उमस के बीच अघोषित कटौती से लोगों में नाराजगी है। भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित कटौती ने हर वर्ग को परेशान करके रख दिया है। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती से त्राहि-त्राहि मच गई है। गांवों में मात्र पांच से सात घंटे ही बिजली मिल रही है, जबकि मुख्यालय पर 12 घंटे बमुश्किल आपूर्ति हो पा रही है। बिजली कब कटेगी और कब आएगी, इसको लेकर विभाग भी अनजान बना रहता है। जिले के ज्यादातर उपकेंद्र जर्जर होने से बिजली की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। ज्ञानपुर जिला मुख्यालय पर 24 घंटे में मात्र 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। सुबह से शाम तक और रात में किस्तों में बिजली मिल रही है। शनिवार शाम से लेकर रात 12 बजे तक मात्र तीन घंटे बिजली किश्तों में मिली। उसके बाद 12 बजे से सुबह छह बजे के बीच दो घंटे बिजली गुल रही। रविवार सुबह से दोपहर तीन बजे तक चार घंटे ही बिजली मिली। रूक-रूक कर हुई कटौती से गर्मी और उमस से लोग परेशान दिखे। चौरी संवाददाता के अनुसार, इलाके के दो उपकेंद्र से जुड़े करीब 80 गांवों में तीन से चार घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। उपकेंद्र से जुड़े आधे गांव में दो घंटे आपूर्ति देने के बाद दूसरे इलाके में बाद में आपूर्ति दी जा रही है। इलाके के विद्यार्थी तिवारी , राघवेंद्र दुबे, अखिलेश सिंह डब्लू शुक्ला, जयप्रकाश दुबे, इम्तियाज अंसारी, अंकित मिश्रा ने बिजली विभाग के अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाया। महराजगंज संवाददाता के अनुसार चकापुर विद्युत उपकेंद्र की हालत खस्ता होने के कारण करीब 50 गांवों की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। दो से तीन घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। सिंचाई के साथ कुटीर उद्योग भी प्रभावित हो रहा है। कमोबेश यही स्थिति सीतामढ़ी, ऊंज, औराई, सुरियावां और मोढ़ इलाकों की है।