वाराणसी। बीएचयू परिसर में पूर्व में मारपीट, धरना-प्रदर्शन आदि घटनाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर छात्रों पर कार्रवाई की है। पूर्व में 56 छात्रों के प्रवेश पर रोक के फैसले के बाद इस बार सोलह छात्रों को डिबार करते हुए भविष्य में उनके दाखिले पर रोक लगा दिया गया है। इसके लिए छात्रों के घर पर नोटिस भेजी जा रही है। उधर छात्रों ने इसके विरोध में सिंह द्वार पर प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी।
विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में थोड़ी सी प्रशासनिक चूक की वजह से बड़ी घटना बाद अब प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। इसको देखते हुए ही एक-एक कर छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। अभी हाल ही में 2016, 2017 में मारपीट, आगजनी, तोड़फोड़ की घटनाओं को आधार बनाते हुए पहले से निलंबित 56 छात्रों के प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले के बाद अब डेढ़ दर्जन नए छात्रों को डिबार कर दिया गया है। इस बार जिन छात्रों पर कार्रवाई हुई हैं, उसमें कला, सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिक हैं। इसमें दो छात्राएं भी शामिल हैं। उधर शाम को छात्रों ने इस कार्रवाई के विरोध में सिंह द्वार पर प्रदर्शन किया है। भगत सिंह छात्र मोर्चा के बैनर तले नारेबाजी करते हुए चीफ प्रॉक्टर पर बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा।