वाराणसी। विरोध के बीच जिला योजना समिति की बैठक में विकास से जुड़े 359.09 करोड़ रुपये के कार्यों को प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुमोदित कर हरी झंडी दे दी। इसमें सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 72.37 करोड़ की धनराशि जिला योजना में अनुमोदित की गई है। प्रभारी मंत्री ने शासन से पैसा जारी होते ही योजनाओं पर युद्धस्तर से काम कराने के निर्देश दिए। शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में 230 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों के लिए प्रस्तावित हैं। उधर, बैठक शुरू होने के साथ ही जिला योजना समिति के सदस्यों ने जिला पंचायत के प्रस्तावों को शामिल नहीं किए जाने का आरोप लगाकर विरोध शुरू किया और बैठक में कोरम पूरा नहीं होने की बात पर वॉकआउट कर दिया।
शुक्रवार को मंडलीय सभागार में हुई जिला योजना की वित्तीय वर्ष 2018-19 की बैठक में पेयजल, स्वास्थ्य, सिंचाई और शिक्षा से जुड़े प्रस्तावों को प्राथमिकता पर रखा गया है। 07 नए पशु चिकित्सालयों के निर्माण हेतु प्रस्तावित धनराशि पर चर्चा में प्रभारी मंत्री ने नए पशु चिकित्सालयों के स्टाफ के लिए शासन में बातचीत का निर्देश दिया। नवनिर्मित सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विद्युत सुविधा के लिए 11 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 72.37 करोड़ का प्रस्ताव है। इसमें 92 किलोमीटर संपर्क मार्ग का पुर्ननिर्माण तथा जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर130 किमी नई सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। पर्यटन विभाग ने 25 स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने बैठक में कहा, प्रस्ताव में संशोधन करना है तो उसे शीघ्र अर्थ एवं संख्याधिकारी को उपलब्ध कराएं। प्रदेश के विधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार का समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। बैठक का संचालन जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने किया। बैठक में सांसद मछलीशहर रामचरित्र निषाद, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, डॉ. चेत नारायण सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, रविन्द्र जायसवाल, सुरेन्द्र नारायण सिंह, नील रतन पटेल, डॉ. अवधेश सिंह, कैलाश सोनकर, अध्यक्ष जिला पंचायत अपराजिता सोनकर सहित जिला योजना समिति के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।