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बीएचयू के डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिए वकीलों का कार्य बहिष्कार0

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वाराणसी। अधिवक्ता घनश्याम मिश्रा के पुत्र बीएचयू के छात्र आकाश मिश्रा पर जानलेवा हमले और डकैती के आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। इसके पहले अधिवक्ताओं ने बनारस बार भवन से कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और अदालती कामकाज ठप करते हुए नारेबाजी कर बीएचयू के डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने समूचे प्रकरण की शिकायत मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराकर आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, आकाश के मानवाधिकार उल्लंघन पर 10 लाख के मुआवजे की मांग की है। इसकी ऑनलाइन शिकायत मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से की गई है।
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उधर, कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं का कहना था कि पुलिस और प्रशासन आकाश पर हमला करने वाले बीएचयू के डॉक्टरों को तत्काल गिरफ्तार कराएं। जुलूस निकाल कर प्रदर्शन करने वालों में सेंट्रल बार महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी, बनारस बार महामंत्री रजनीश कुमार मिश्रा, हरिशंकर सिंह, सुरेंद्र श्रीवास्तव, धीरेंद्र नाथ शर्मा, उग्रसेन मिश्रा, धनंजय शर्मा, अरुण कुमार सिंह, अनुज यादव, शशिकांत राय, आनंद कुमार पांडेय, अभिमन्यु मिश्रा, पुनीत सिंह, राकेश पांडेय, रंजन मिश्रा, विनोद पांडेय, पवन सिंह सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी
छात्र की पिटाई की घटना की जांच कर रही तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी हो गई है। प्रो. मुधकर राय की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने छात्र आकाश मिश्रा, प्रसून के साथ ही जिन जूनियर डॉक्टरों पर पिटाई का आरोप लगा था, उनका बयान भी दर्ज किया गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.ओपी उपाध्याय ने बताया कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच पूरी हो गई है, अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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