वाराणसी। दशाश्वमेध घाट पर प्रतिबंध के बावजूद मंगलवार को ड्रोन कैमरा उड़ता देख इलाकाई लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर जल पुलिस प्रभारी ने चीन निवासी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस, एलआईयू और आईबी की घंटों की पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि चीन के युवक को ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध की जानकारी नहीं थी। इसके बाद उसके कैमरे से फोटो और वीडियो डिलीट कराकर उससे जुड़े कागजातों की फोटोस्टेट लेकर छोड़ दिया गया।
चीन निवासी यांग टूरिस्ट वीजा पर भारत भ्रमण पर आया है। पूछताछ में यांग ने बताया कि वह चीन में रेलवे में नौकरी करता है और एक अप्रैल को नई दिल्ली आया। नई दिल्ली से वो बनारस आया और कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित एक होटल में रुका है। बनारस से एक-दो दिन में वो आगरा जाएगा। गंगा घाटों पर ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध की जानकारी उसे नहीं थी। यांग ने कहा कि इसी वजह से उसने ड्रोन कैमरे से गंगा घाटों की खूबसूरती कैद करनी चाही। उससे गलती हुई, इसका उसे खेद है। इस संबंध में सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी ने बताया कि चीन निवासी युवक के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। उसका कैमरा और मोबाइल चेक करने के बाद पासपोर्ट व वीजा संबंधी सभी जरूरत कागजात देखकर हिदायतें देते हुए छोड़ दिया गया है।