वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सतरंगी छटाओं के बीच राजस्थान दिवस मनाया गया। घूमर, कालबेलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों को देख ऐसा लगा जैसे परिसर में पूरा राजस्थान की उतर आया हो। ‘...रंगीलो राजस्थान’ और पद्मावती के घूमर गीत पर छात्राओं ने राजस्थान की लोक कला और नृत्य को बखूबी मंच पर उतारा।
राजस्थान कल्चरल सोसाइटी बीएचयू की ओर से शुक्रवार को केएन उडुप्पा सभागार में राजस्थान दिवस मनाया गया। बीएचयू में पढ़ने वाले राजस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा गठित इस सोसाइटी की ओर से ‘धरती धोरां री’ की थीम पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने राजस्थान के गीत नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान राजस्थान के गौरवपूर्ण इतिहास की झांकी भी सजाई गई। ज्योति चक्रवर्ती ग्रुप ने गणेश वंदना, अनुभा मिश्रा, अमित दुबे व भामराज जाखड़ ने राजस्थानी गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि रामगोपाल जी सराफ, डॉ. शांतिलाल व प्रो. बृजेश ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संयोजक सुशील जाट ने स्वागत किया। अनिल शर्मा, सुनील कुमार, राजेश, अखिलेश ने आदि मौजूद रहे। बता देें कि 69 साल पहले 30 मार्च को ही जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर की रियासतों का विलय हुआ था। इस दिन को राजस्थान दिवस मनाया जाता है।