कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक बड़ी घटना होते-होते रह गई। दोपहर करीब दो बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर खड़े इलेक्ट्रिक इंजन का गेट खोलकर एक युवक ने चालक की सीट पर कब्जा जमा लिया और फिर इंजन को स्टार्ट कर दिया। बस उसे दौड़ाने की देरी थी कि बाहर खड़े लोको पायलटों की नजर पड़ गई। उन्होंने तत्काल इंजन में घुसकर युवक को कब्जे में ले लिया। इंजन बंद कर युवक को डीजल लॉबी में ले गए। जमकर पिटाई करने के बाद उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेल प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पार्सल यार्ड के समीप खड़ा यह इलेक्ट्रिक इंजन कामायनी एक्सप्रेस में लगाया जाना था। जानकारों के मुताबिक युवक नेे इंजन को स्टार्ट करने के बाद कई कमांड ऐसे दे दिए थे जिससे इंजन इलाहाबाद की तरफ तेजी से आगे बढ़ने वाला था। संयोग ही था कि डीजल लॉबी के सामने खड़े लोको पायलटों की नजर पड़ गई। इंजन की लाइट जलती और गेट खुला वे शोर मचाते हुए दौड़े। पकड़े गए युवक ने अपना नाम मुकेश कुमार (23) निवासी बिहड़ी, आरा, बिहार बताया। हालांकि घटना के बाद रेल प्रशासन और आरपीएफ के अधिकारी अपने बयान बदलने में जुट गए। एक तरफ रेल प्रशासन ने युवक को मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया, वहीं देर शाम आरपीएफ एरिया कमांडर सतीश के अर्जुन का कहना था कि ऐसा कोई मेमो उन्हें नहीं मिला है। उनके पास ऐसे किसी युवक को लाया भी नहीं गया है। उधर, जानकारों का कहना है कि रेल इंजन का गेट खोलकर युवक का घुसना कहीं न कहीं चालक की चूक की ओर भी इशारा करता है। चर्चा थी कि गेट को ठीक तरह से लॉक नहीं किया गया था।
कोट्स-
इंजन के पास ही लोको पायलट मौजूद था। इंजन पहले से स्टार्ट था। लोको पायलट को जानकारी नहीं हो पाई। इंजन का सेंटो कनेक्ट नहीं था। इसलिए इंजन आगे-पीछे नहीं जा सकता था। - राजेश कुमार, डीएमई, कैंट स्टेशन