वाराणसी। मई महीने से सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें शहर की सड़कों पर नजर आ सकती हैं। अगले दो महीने के अंदर डीजल चालित सिटी बसों को हटाकर उनकी जगह सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें चलाने पर सैद्धांतिक रूप से निर्णय लिया जा चुका है। वाराणसी से शुरुआत के बाद प्रदेश के दूसरे महानगरों में भी सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना रोडवेज प्रबंधन ने बनाई है।
जानकारों के मुताबिक सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों से शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। इन बसों का मेेंटेनेंस खर्च भी कम आएगा। इसलिए इन बसों के चलाने की तैयारी तेज हो गई है। अगले माह से शहर में सीएनजी का सब स्टेशन भी खुलने जा रहा है। इसके जरिए बसों को सीएनजी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इस सिलसिले में गुरुवार को लखनऊ में रोडवेज के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की बैठक भी हुई। सिटी बसों के नियमित संचालन और उसके सफर को और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया। इसमें वाराणसी के क्षेत्रीय प्रबंधक कपिल शर्मा ने पुरानी हो चुकी डीजल चालित बसों की जगह नई इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के चलाने का सुझाव दिया। इस पर प्रमुख सचिव ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताते हुए कहा कि अगले एक-दोे माह में ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मौजूदा समय वाराणसी रोडवेज के पास 130 सिटी बसें हैं। इनमें अधिकतर खस्ताहाल हैं।