भदोही। आम बजट से मध्यवर्गीय लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। लोगों का मानना है कि नोटबंदी और जीएसटी ने जो नुकसान हुआ है, सरकार को उसकी भरपाई बजट के माध्यम से करना चाहिए। कुछ लोग आय कर का दायरा बढ़ाने तो कुछ लोग निवेश में छूट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। छात्र, किसान या दुकानदार हर किसी की निगाहें बजट पर टिक गई हैं।
अधिवक्ता रमेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि 80 सी के तहत निवेश में अब तक सरकार केवल डेढ़ लाख रुपये तक छूट देती थी। इसे बढ़ाकर तीन लाख किया जाना चाहिए। इससे मध्यम तबके के लोगों को लाभ होगा। अस्ति साधन सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष भगवान प्रसाद सिंह ने कहा कि पहले किसानों को सहकारी समिति से कर्ज मिलता था, उसे बहाल करना चाहिए। इसके अलावा किसानों के लिए बनने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ट्रांसपोर्ट कारोबारी पप्पू शुक्ला ने कहा कि सबसे पहले जीएसटी को सरल बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए। सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि जीएसटी रिटर्न लगातार दाखिल हो रहा है लेकिन रिफंड नहीं मिल रहा है। इससे लोगों की भारी पूंजी फंसी हुई है। इस पर सरकार ठोस कदम उठाए। सीए सुहेल अतहर का मानना है कि सबसे बड़ा फायदा सरकार आय कर का दायरा बढ़ाकर लोगों को दे सकती है। इससे बड़े जनसमुदाय को फायदा होगा।