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कोल्ड डायरिया के मरीजों से पटे अस्पताल

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ज्ञानपुर (भदोही)। भीषण ठंड ने मुश्किलें बढ़ा दी है। शीतलहर और गलन के चलते लोग इसकी चपेट में आकर तेजी से बीमार पड़ने लगे हैं। यही वजह है कि सरकारी और निजी अस्पताल मरीजों से पट गए हैं। अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ने से निजी अस्पतालों और झोलाछाप डाक्टरों की चांदी कट रही है। अस्पतालों में सुबह से ही भीड़ लग लग जा रही है। मंगलवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में नए पुराने 815 मरीजों ने उपचार कराया। इमरजेंसी में 15 मरीज भर्ती कराए गए। इनमें से ज्यादातर मरीज कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे।
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ठंड लगने से लोग कोल्ड डायरिया, निमोनिया, सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
ठंड पड़ते ही जिले में कोल्ड डायरिया और निमोनिया तेजी से पांव पसार रहे हैं। ठंड बढ़ते ही सरकारी समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है। ठंड की चपेट में आकर बूढ़े, बच्चे, नौजवान सभी बीमार पड़ रहे हैं। बच्चे निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। कोल्ड डायरिया की चपेट बर आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं। मरीजों में वृद्धों और बच्चों की संख्या अधिक हैं। मंगलवार को अकेले जिला अस्पताल ज्ञानपुर की ओपीडी में 600 पर्चियां काटी गईं। नए और पुराने कुल 815 मरीजों ने अपना इलाज कराया। साथ ही इमरजेंसी में 15 मरीज भर्ती कराए गए। जिला अस्पताल में सुनीता (28), विनीता (26), नीतू (27), अजोरा देवी (60)फल देवी(60) भर्ती की गई। इनमें से अधिकतर मरीज कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे। इसी तरह जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और निजी अस्पतालों में भी मरीज बढ़ गए हैं। निमोनिया के शिकार अधिकतर बच्चे निजी अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से निजी अस्पतालों की बल्ले-बल्ले हो गई है। साथ ही झोलाछाप चिकित्सक भी मोटी कमाई कर रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के चलते मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को विवश हैं। जिसका निजी अस्पताल जमकर फायदा उठा रहे हैं। मरीजों का आर्थिक दोहन किया जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि इस समय शीतलहर चल रही है। असावधानी की वजह से लोगों को ठंड लग रही है। सभी लोगों को ऊनी कपड़े पहनने चाहिए। जरुरी होने पर ही घर से निकलन चाहिए। वह भी सावधानी के साथ। उन्होंने कहा कि शीत लगते ही चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर इलाज नहीं होने जीवन खतरे में पड़ सकता है।
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