वाराणसी। बिरला हॉस्टल के एक छात्र की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार की दोपहर बीएचयू कैंपस में दो घंटे तक बेखौफ उपद्रव और अराजकता से हर किसी की रूह कांप उठी। आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव के बीच परिसर सुलगता रहा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पहरुए मूकदर्शक बने रहे। सिंह द्वार के बाहर भारीभरकम पुलिस फोर्स मुस्तैद थी और परिसर के अंदर संसाधनों से लैस विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी। बावजूद इसके उपद्रवियों ने बेखौफ तांडव मचाया। सिंह द्वार से बीएचयू अस्पताल, नरिया गेट, सीर गेट तक उपद्रवी एक के बाद एक वाहनों को निशाना बनाते गए लेकिन उन्हें रोकने और नियंत्रित करने की विश्वविद्यालय प्रशासन की कहीं कोई तैयारी नहीं दिखी।
सिंहद्वार के अलावा नरिया और सीर गेट पर तालाबंदी कर उपद्रवियों ने करीब सवा सौ गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इनमें दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों, तीमारदारों के अलावा सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सकों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों के वाहन शामिल थे। परिसर में हर छोटी-बड़ी घटना के मद्देनजर पुख्ता सुरक्षा का दावा करने वाला विश्वविद्यालय प्रशासन उपद्रवियों के आगे पूरी तरह नतमस्तक दिखा। दोपहर तीन बजे जब गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों का जमावड़ा सिंहद्वार पर हुआ तब पहले आधे घंटे तक वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें लेकर कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई। करीब साढ़े तीन बजे जब गेट बंद करने के बाद छात्रों का हुजूम वहां सीसीटीवी कैमरे के अलावा सड़क किनारे एमएमवी चौराहे तक खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करता आगे बढ़ा तो सुरक्षा कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। एमएमवी गेट पर दोपहिया-चार पहिया वाहनों के साथ ही छात्राओं को परीक्षा दिलाने आई आर्य महिला पीजी कॉलेज की बस में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद तो हालात पूरी तरह बेकाबू होते गए। आईएमएस गेट के सामने, चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के पास पार्किंग में खड़ी चिकित्सकों की चार पहिया गाड़ियां तोड़ने के बाद उपद्रवी एलडी गेस्ट हाउस होते हुए विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां हिंदी विभाग के प्रोफेसर श्रीप्रकाश शुक्ल की कार में तोड़फोड़ की। इसके बाद उपद्रवियों ने अलग-अलग खेमों में बंटकर कई जगह तोड़फोड़ की। अराजकता का सिलसिला शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चला।