वाराणसी। बनारस घराने की ख्यात ठुमरी गायिका गिरिजा देवी का बीएचयू से गहरा रिश्ता रहा। यहां संगीत एवं मंच कला संकाय में सन् 1991-92 में वे बतौर विजिटिंग प्रोफेसर तैनात रहीं। उनके निधन की सूचना से बुधवार को संकाय में दु:ख भरी खामोशी पसरी थी। हर कोई उनकी ही चर्चा कर रहा था।
फिलहाल इसी संकाय में प्रोफेसर पद पर कार्यरत उनकी तीन शिष्याओं का कहना है कि उनकी क्लास सबसे अलग थी। कभी कोई गलती हुई तो अप्पा जी ने डांटा-फटकारा नहीं बल्कि बड़े सहज-सरल भाव से समझाया। सप्ताह में तीन दिन शाम चार से छह बजे तक उनकी क्लास मुक्ताकाशीय मंच के पास प्रार्थना कक्ष में लगती थी। परिसर में अंतिम बार दिसंबर 2016 में सांस्कृतिक महोत्सव में गिरिजा देवी ने मंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया था।