वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में संचालित उमंग फार्मेसी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। बनारस मंडल के ड्रग कंटोलर ने फार्मेसी के एक फर्म का लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित कर दिया। 21 जून को कमिश्नर को संबंधित फर्म से अस्पताल आपूर्ति लिखी दवा को बेचे जाने की शिकायत की गई थी। ड्रग इंस्पेक्टर की जांच के बाद कंट्रोलर ने यह कार्रवाई की और चार सितंबर को आदेश जारी कर उसकी कापी कमिश्नर, डीएम, एसएसपी, ड्रग इंस्पेक्टर के साथ ही शिकायतकर्ता को भी दी गई है।
अस्पताल में लगभग सभी मंजिल पर उमंग फार्मेसी की दुकान है। यहां से मरीजों को एक निर्धारित छूट के साथ दवाईयां दिलाई जाती है। 21 जून को बीएचयू के पूर्व छात्रनेता भुवनेश्वर द्विवेदी ने शिकायत कर यह बताया कि मरीजों को अस्पताल से नि:शुल्क दी जाने वाली हास्पिटल सप्लाई लिखी दवा को उमंग फार्मेसी पर बेची जा रही है। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने छापेमारी की तो उस दवा का स्टॉक नहीं मिला। इसके बाद फार्मेसी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया। ड्रग कंटोलर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि नोटिस में शिकायतों के दृष्टिगत उमंग फार्मेसी से साक्ष्य मांगा गया था लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में एक फर्म का लाइसेंस तीन माह तक निलंबित करते हुए कहा कि इस समय में दवा का क्रय-विक्रय करना अवैधानिक है।