वाराणसी। ‘हृदय’ योजना के तहत निर्माणाधीन हेरिटेज वॉक की गड़बड़ियां जल्द दूर कराई जाएंगी। न सिर्फ सीवर समस्या हल कराई जाएगी बल्कि रबरमोल्डेड इंटरलॉकिंग को नए सिरे से इस तरह व्यवस्थित (री-सेट) कराया जाएगा कि वह देखने में खूबसूरत लगे और किसी तरह जलभराव भी न होने पाए। मंगलवार को इसके लिए गठित आठ सदस्यीय कमेटी और संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस पर सहमति बनी। 24 अगस्त को कमेटी और संबंधित अधिकारी कार्यस्थल पर जाकर मौका-मुआयना करेंगे। सीवर समस्या के समाधान के लिए जलकल के महाप्रबंधक ने सर्वे का निर्देश जारी कर दिया है। संबंधित अधिशासी अभियंता से उन्होंने दो दिन में सर्वे रिपोर्ट तलब की है।
नगर निगम कार्यालय में बैठक के दौरान हालांकि कमेटी के लोगों ने समस्याओं की झड़ी लगाई तो अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। कई बार ऐसी स्थिति आई जब संबंधित विभागों के अधिकारी समस्याओं के लिए एक-दूसरे को ही जिम्मेदार ठहराते नजर आए। अधिकारियों में आपसी तालमेल और समन्वय का अभाव साफ दिखा। पिपलानी कटरा और कबीर चौरा में निर्माणाधीन हेरिटेज वॉक में धांधली की शिकायतों के समाधान के लिए यह बैठक आयोजित थी। आठ सदस्यीय समिति ने अधिकारियों से कहा कि गलियों में गलत तरीके से इंटरलॉकिंग कराई गई। सीवर निकासी सुनिश्चित किए बिना ही काम कराया गया। आसपास के इलाकों की सीवर लाइन बहुत पुरानी हो चुकी है और जगह-जगह ध्वस्त हो चुकी है, उस पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी गई। जलकल विभाग के जीएम ने सर्वे कराकर इसका समाधान कराने की बात कही। वहीं, मुख्य अभियंता कैलाश सिंह ने कहा कि इंटरलॉकिंग री-सेट कराइ जाएगी। इंटैक के टेकिभनकल डायरेक्टर धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि हेरिटेज वॉक के अंतर्गत कलाकारों के घरों के बाहर उनसे संबंधित वाद्य यंत्रों के म्यूरल आर्ट बनाए जाएंगे। गलियों में ब्रेकेट लाइट लगाई जाएगी। योजना की डीपीआर की जानकारी कोई भी कर सकता है। इंटैक, नगर निगम, आईपीडीएस के अधिकारियों के अलावा डॉ. रवींद्र सहाय, प्रेम मिश्रा, एसके श्रीवास्तव, राजाराम यादव आदि बैठक में मौजूद थे।