डीएम, एसएसपी और पूर्व डीजीपी ने मकबरे पर चढ़ाए फूल
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शहनाई के जादूगर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की जयंती पर मंगलवार को उनकी मजार पर फूल चढ़ाने के लिए हिंदू-मुसलमान दोनों पहुंचे। उस्ताद की मजार पर सर्वधर्म पाठ हुआ। चाहने वालों ने उस्ताद को नमन किया और चादर चढ़ाई।
संगीतकारों ने उनके सुरों की दमकशी को याद किया और सादगी को। महापौर राम गोपाल मोहले समेत कई जनप्रतिनिधि, अफसर और संगीतकारों ने दरगाह-ए-फातमान पहुंचकर उस्ताद को नमन किया।
महापौर ने वहां उस्ताद के परिवारीजनों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय संस्कृति, पर्यटनमंत्री महेश शर्मा और बाबुल सुप्रियो को जयंती पर यहां पहुंचकर मजार पर पुष्प अर्पित करने को नामित किया था। लेकिन एयरपोर्ट विस्तार के कारण उनका आगमन तय समय पर संभव नहीं हो सका है।
दरगाह-ए-फातमान पर उस्ताद की 101वीं जयंती पर सुबह से ही संगीत प्रेमियों, चाहने वालों और उनके शिष्यों का जमावड़ा लगने लगा। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने दरगाह पहुंचकर उस्ताद के मकबरे पर पुष्पांजलि अर्पित की।
डीएम ने कहा कि भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां जैसी हस्ती हजारों साल में एक पैदा होती है। उनका राष्ट्र प्रेम, काशी में खास तौर से गंगा प्रेम, भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव, शास्त्रीय संगीत के प्रति अपार श्रद्धा और रियाज उन्हें महान बनाता है।
शहनाई जैसे साज को शास्त्रीय संगीत में आसमान की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।