वाराणसी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र , कलासृष्टि और श्री काशी संगीत समाज के तत्वावधान में काशी संगीत समाज का 113वां वार्षिकोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मनाया गया। इस दौरान दिल्ली से आई डॉ. सुभद्रा देसाई ने जहां गायन में अलग-अलग रागों की प्रस्तुति कर सभी का ध्यान खींचा वहीं तबला और सारंगी की जुगलबंदी भी देखने को मिली।
महमूरगंज स्थित राजेश कुमार अग्रवाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत बिहार से आए गिरीश चंद्र पाठक ने तीन ताल में एकल तबला वादन की प्रस्तुति की। इनके साथ अनीश मिश्र ने सारंगी पर संगति की। अगले चरण में दिल्ली से पधारी विदुषी डॉ. सुभद्रा देसाई ने राग श्यामकल्याण और राग शुद्ध कल्याण में विलंबित और द्रुत रचना प्रस्तुत की। इसके बाद राग बागेश्वरी में द्रुत ख्याल में बंदिश प्रस्तुत किया तो तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। तबले पर पंडित पुंडरीक कृष्ण भागवत और हारमोनियम पर डॉ. इंद्रदेव चौधरी ने साथ दिया। समाज के मंत्री राजेंद्र मोहन साह ने समाज का वार्षिक विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान कृष्ण कुमार रस्तोगी, वल्लभदास अग्रवाल, कमलाशंकर, राजेश जैन, प्रेम मयंक, डा. विजय शंकर शुक्ल सहित कई लोग मौजूद रहे।